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Sunday, November 16, 2008
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सबसे जुडऩे और सबसे बतियाने का इससे बेहतर माध्यम हो नहीं सकता। यहां अनगिनत ब्लॉगर्स मौजूद हैं। पर मुझे खुशी है कि बिना परिचय की स्थिति में भी लोग आपसे परिचय बनाते हैं। असल में अपनी दुनिया को समेटने से बेहतर है कि उसका विस्तार किया जाए। जिंदगी के इस सफर में न जाने कितने लोग मिलते और न जाने कितने बिछड़ जाते हैं। पर मुझे उम्मीद है जिनसे मैं बिछड़ चुका हूं, कभी न कभी उनसे इस ब्लॉग के माध्यम से मुलाकात हो ही जाएगी।
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